जीवन क्या है ?
जीवन क्या है ? वैसे तो बहुत सी किताबे आपको इस बिषय पर मिल जाएगी पर क्या वाकई में वही है जीवन जो हम जी रहे है । आप सोच रहे होंगे क्या बेवकूफो वाले बात पूछ रहा है , यकीन मानिए साब की जीवन को समझना इतना मुश्किल नही था । जितना आज बना दिया गया ,सच्चाई अक्सर कड़वी लगती है पर सही होती ,जीवन के मायने हम सभी के लिए अलग अलग होगा और होना भी चाहिए । कुछ लोगो के लिए सफलता ही जीवन हो सकता है , तो कुछ लोगो के लिए संघर्ष ही जीवन हो सकता है । कईयो के लिए परिवार ही जीवन होगा तो कुछ के लिए व्यपार ही जीवन है । बहुत से उदहारण आपको मिल जायेंगे जीवन के लिए अब सवाल पर आते है कि क्या मैं जो जी रहा हूँ वही है जीवन ? जाहिर सी बात है इसका उत्तर आपको ही मालूम होगा यदि नही मालूम है तो थोड़ा समय लीजिये ओर सोचिए कही आप भी तो नही जो जीवन के इन्ही में से किसी एक ही पहलुओं के सहारे है ऐसा है तो जीवन के बाकी पहलुओं पर भी ध्यान देना आपका ही कर्तव्य है । जीवन इतना विस्तृत है कि उसका शब्दों में वर्णन करना थोड़ा मुश्किल है , ये हर किसी के लिए अलग मायने रखता है । आगे.....